
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) से प्रभावित दो बच्चों—ऋषभ हंसराज और सालोम अहिरवार—के लिए समाज ने मिलकर उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ रायगढ़ के दो अलग-अलग जगह से एक दुर्लभ (डीएमडी) बीमारी से ग्रस्त पीड़ित एवं उनके परिजन जूझ रहे परेशानियों से,एक संकट भरी जीवन से जिसको देखते हुए आज स्थानीय जन सहयोग के प्रयासों से इन दोनों बच्चों का इलाज देश के प्रतिष्ठित अस्पताल Christian Medical College Vellore में कराया गया। 12 मार्च 2026 से 17 मार्च 2026 तक छह दिनों तक चले इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में बच्चों की विस्तृत जांच और स्वास्थ्य परीक्षण किए गए, साथ ही उनकी आवश्यक दवाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
इस नेक कार्य में अहम योगदान जन चेतना रायगढ़ के सक्रिय सदस्य राजेश त्रिपाठी, सविता रथ और पदनाभ प्रधान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही बच्चों के परिवार—हेमंत हंसराज और श्याम अहिरवार—भी पूरे समय उनके साथ रहे।
यह पहल न केवल इन बच्चों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब समाज एकजुट होकर काम करता है, तो बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। जन चेतना रायगढ़ का यह प्रयास निश्चित रूप से दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।





