
रायगढ़। तमनार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मौहापाली में 15 वें वित्त आयोग की राशि को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, जिसने पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, एक आरटीआई कार्यकर्ता ने 5 मार्च 2026 को जन सूचना अधिकारी को आवेदन देकर 1 अप्रैल 2024 से वर्तमान समय तक पंचायत में कराए गए सभी कार्यों की प्रमाणित प्रतिलिपि, फोटोग्राफी और व्यय का पूरा विवरण मांगा गया था। इसके जवाब में जो दस्तावेज महुआपाली पंचायत सचिव तुक लाल नायक के द्वारा उपलब्ध कराए गए, उनमें मां मंगला ट्रेडर्स, उमेश इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल एंड मोबाइल और कृष्ण फोटोकॉपी स्टेशनरी स्टोर्स के नाम से कुल ₹1,27,425 के बिल प्रस्तुत किए गए।

सबसे बड़ा सवाल इन बिलों की वैधता को लेकर उठ रहा है, क्योंकि इनमें से किसी भी ट्रेडर्स के बिल में GST नंबर दर्ज नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है,कि यदि सरकारी राशि का भुगतान बिना वैध GST बिल के किया गया है, तो यह न केवल वित्तीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक गंभीर अनियमितता भी मानी जाती है।
मामले में मौहापाली पंचायत सचिव, तुकलाल नायक,सरपंच श्याम कुमार राठिया और संबंधित विभिन्न फर्मों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं जिनका बिल पंचायत में लगा है। नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा राशि की वसूली, निलंबन, सेवा समाप्ति और आपराधिक मामला दर्ज तक किया जा सकता है।
RTI में सामने आई इन विसंगतियों के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है,कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।





