
रायगढ़। जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम तुरंगा में एक ऐसा मामला सामने आया है,जहां वर्ष 2024 – 25 में पृथक्करण शेड निर्माण को लेकर भारी भ्रष्टाचार उजागर, क्योंकि जहां उसी गांव में रहने वाला एक सामाजिक कार्यकर्ता पद्मनाभ प्रधान के द्वारा यह बात मीडिया के समक्ष रखी गई और उनके द्वारा यह बताया गया की ग्राम पंचायत तुरंगा में पृथक्करण शेड निर्माण के लिए 03.70 हजार राशि की स्वीकृति हुई थी, जिसका राशि पंचायत सचिव के द्वारा आहरण किया जा चुका है,

और वही महज एक से डेढ़ लाख रुपए ही उस निर्माण पर खर्च किया गया है, ऐसा सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा अपने ही पंचायत के सचिव के ऊपर आरोप लगा रहे हैं,लेकिन यह तो जांच का भी विषय है, अब देखना यह होगा कि सामाजिक कार्यकर्ता पद्मनाभ प्रधान के द्वारा अपने ही पंचायत में लगाए गए जन सूचना अधिकार अधिनियम के आवेदन अंतर्गत प्राप्त दस्तावेज को लेकर दिनांक 24/03/2026 को सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा जनपद पंचायत सीईओ के पास प्राप्त दस्तावेज बिल वाउचर का भौतिक सत्यापन के लिए आवेदन किया गया है,ताकि पंचायत सचिव का जादुई कारनामा को सामने लाया जा सके हम ऐसा इसलिए कह पा रहे हैं,

जैसे की सामाजिक कार्यकर्ता के बताएं अनुसार आज पृथक्करण शेड निर्माण कार्य के लिए सीमेंट, छड़ ,रेत,गिट्टी,मटेरियल की खरीदी की गई है,और दस्तावेज के रूप में जो बिल प्राप्त हुए हैं,उस नाम से कोई दुकान ही क्षेत्र में संचालित नहीं है,और ना ही यह बिल ओरिजिनल है ,जो सचिव के द्वारा मुझे प्रदान किया गया है, ओरिजिनल तो तब कहलाता जब वह बिल आज जीएसटी पे बिल होता, जो शासन प्रशासन से निर्धारित है, इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा जनपद पंचायत पुसौर सीईओ के पास, जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त दस्तावेज की भौतिक सत्यापन हेतु आवेदन लगाया गया है,अब तो सारा खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा कि पृथक्करण शेड निर्माण पर पंचायत सचिव एवं अन्य के द्वारा कितना धांधली किया गया है।





