
रायगढ़ । जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत तुरंगा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्मित पृथक्करण शेड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर ग्राम निवासी पद्मनाभ प्रधान ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पुसौर को लिखित शिकायत सौंपते हुए भौतिक सत्यापन एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त अभिलेखों के अध्ययन से निर्माण कार्य के निष्पादन एवं भुगतान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। शिकायत के अनुसार बिल, वाउचर एवं मास्टर रोल में कई प्रकार की विसंगतियां परिलक्षित होती हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित निर्माण कार्य मनरेगा के प्रावधानों के अनुरूप कराया जाना अपेक्षित था, किंतु कथित रूप से बिना वैध लाइसेंस वाले विभूति प्रधान द्वारा “प्रधान कंस्ट्रक्शन” के नाम से कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही उदित कुमार प्रधान के नाम से कथित रूप से फर्जी बिल, वाउचर एवं मास्टर रोल तैयार कर मास्टर रोल में फर्जी नाम दर्ज कर शासकीय राशि का भुगतान किए जाने की भी आशंका व्यक्त की गई है।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि स्थल निरीक्षण के दौरान यह प्रतीत हुआ कि निर्मित पृथक्करण शेड का वर्तमान में उसके निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जांच के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ शेड की वर्तमान उपयोगिता एवं संचालन की भी जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के साथ सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेज, बिल, वाउचर, मास्टर रोल तथा अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य का सक्षम अधिकारी से भौतिक सत्यापन कराया जाए, संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी, शासकीय राशि के दुरुपयोग अथवा परिसंपत्ति के अनुचित उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदार एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई करते हुए शासकीय राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल शिकायत की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।





