
रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय घरघोड़ा ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने गोढ़ी निवासी आरोपी त्रिभुवन अगरिया को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 6 लाख रुपये की सहायता राशि देने का आदेश दिया गया है। प्रकरण के अनुसार आरोपी ने बीमार नाबालिग को इलाज कराने का झांसा देकर झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म किया था। घटना के बाद तमनार पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू की। तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचक निरीक्षक आशीर्वाद रहटगांवकर ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित कर मजबूत विवेचना प्रस्तुत की, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपराध सिद्ध करने में सफल रहा।

ज्ञातव्य हो की निरिक्षक आशीर्वाद को पहले भी उत्कृष्ट विवेचना हेतु केंद्रीय गृह मंत्री पदक से सम्मानित किये जा चुका है।
एवं न्यायालय के इस फैसले को महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में कानून से बच निकलना संभव नहीं है।





